विश्व योग दिवस पर विशेष व्यक्तित्व: श्री अभिनव अग्रवाल

(एक युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट से समाजसेवी और योग शिक्षक तक की प्रेरणादायक यात्रा)

हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि उन व्यक्तित्वों को भी सलाम करता है जो योग को जीवन में अपनाकर समाज को भी उसका लाभ पहुंचा रहे हैं।

ऐसे ही एक व्यक्तित्व हैं – श्री अभिनव अग्रवाल, जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, लेकिन समाजसेवा और योग के क्षेत्र में उनके योगदान ने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई है।

आरंभिक जीवन और पेशेवर पहचान:

अभिनव अग्रवाल का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ, लेकिन उनके विचार असाधारण रहे। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर एक प्रतिष्ठित पेशे में कदम रखा। परंतु उनका मन केवल आर्थिक संतुलन तक सीमित नहीं रहा — वे समाज के लिए भी कुछ करना चाहते थे।

“कुश फाउंडेशन” की स्थापना:

अपने सामाजिक सरोकारों को आकार देने के लिए अभिनव जी ने “कुश फाउंडेशन” की नींव रखी। इस फाउंडेशन का उद्देश्य था — ब्लड डोनेशन चेन के माध्यम से ज़रूरतमंद लोगों तक समय पर रक्त पहुंचाना।

कोविड-19 महामारी के कठिन समय में जब लोग अपनों से भी दूरी बना रहे थे, तब अभिनव अग्रवाल जी ने न केवल रक्त और प्लाज्मा डोनर्स की व्यवस्था की, बल्कि अस्पतालों और ज़रूरतमंद परिवारों तक ऑक्सीजन, दवाएं, भोजन और मानसिक संबल भी पहुंचाया। उनके नेतृत्व में अनेक युवा इस मुहिम से जुड़े और एक मूक सेवा आंदोलन खड़ा हो गया।

योग और अध्यात्म की ओर झुकाव:

कोविड के दौर ने जहां दुनिया को अस्त-व्यस्त किया, वहीं अभिनव जी ने योग और ध्यान के महत्व को और गहराई से समझा। उन्होंने “आर्ट ऑफ लिविंग” के कोर्स किए और स्वयं को प्रशिक्षित योग शिक्षक के रूप में तैयार किया।

आज वे नियमित रूप से योग, प्राणायाम और ध्यान के सत्रों का संचालन करते हैं — जिसमें युवा, वृद्ध, महिलाएं, कर्मचारी और उद्यमी सभी भाग लेते हैं। उनके सत्रों में न केवल शारीरिक व्यायाम होता है, बल्कि आंतरिक शांति, भावनात्मक स्थिरता और जीवन में उद्देश्य पर भी बल दिया जाता है।

“हमारी दौड़ती-भागती ज़िंदगी में योग एक ऐसा ठहराव देता है जो हमें अपने भीतर झाँकने की शक्ति देता है। स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित सोच — यही सच्चे समाज की नींव हैं।”

वे मानते हैं कि योग कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि नित्य अभ्यास और जीवनशैली है। उन्होंने कई स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में निःशुल्क योग कार्यशालाएँ आयोजित की हैं।

भविष्य की योजना:

अभिनव जी का सपना है कि वे “खुश फाउंडेशन” को पूरे देश में फैलाएं और ब्लड डोनेशन, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, और योग प्रचार को एक आंदोलन का रूप दें। वे चाहते हैं कि हर युवा केवल खुद के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी जिए।

Hind News 9
Author: Hind News 9

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