मुरादाबाद। बच्चों और परिवारों को भारतीय संस्कृति, भक्ति एवं संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित ‘हनुमान अंश’ विशेष फिल्म प्रदर्शन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। इस विशेष आयोजन से भव्य हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. विराग श्रीवास्तव भी जुड़े हैं, जो चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय सहभागिता के लिए पहचाने जाते हैं।

डॉ. विराग श्रीवास्तव और उनका परिवार हमेशा से ही समाजहित से जुड़े सकारात्मक आयोजनों को महत्व देता रहा है। स्वास्थ्य, जनजागरूकता और सामाजिक दायित्व से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में परिवार की सक्रिय सहभागिता यह दर्शाती है कि उनके लिए समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल पेशे तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक मूल्यों को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इसी सोच के साथ ‘हनुमान अंश’ विशेष फिल्म प्रदर्शन जैसी पहल से जुड़ना भी एक सार्थक प्रयास है। फिल्म के माध्यम से बच्चों और परिवारों तक भगवान हनुमान के साहस, समर्पण, निष्ठा, सेवा, अनुशासन और संस्कारों का संदेश मनोरंजन के सहज माध्यम से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. विराग श्रीवास्तव का मानना है कि बच्चों के व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ अच्छे संस्कार एवं सकारात्मक सोच भी जरूरी हैं। भगवान हनुमान का जीवन बच्चों और युवाओं को साहस, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता और सेवा भाव की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना समाज के लिए उपयोगी पहल है।
भव्या हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक के रूप में डॉ. विराग श्रीवास्तव चिकित्सा क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनके परिवार की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सहभागिता भी निरंतर बनी रही है। यही वजह है कि समाजहित और सकारात्मक संदेश देने वाले आयोजनों में उनकी उपस्थिति और सहभागिता को विशेष महत्व मिलता है।
‘हनुमान अंश’ का यह विशेष फिल्म प्रदर्शन केवल मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि परिवारों को एक साथ जोड़ते हुए भक्ति, संस्कार और भारतीय मूल्यों का संदेश देने का प्रयास है। डॉ. विराग श्रीवास्तव जैसे सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व की सहभागिता इस पहल को और सार्थक बनाती है।
आयोजन का उद्देश्य यही है कि परिवार फिल्म का आनंद लेने के साथ भगवान हनुमान के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा, संस्कार, साहस और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश लेकर लौटें।












