आज दिनांक 27 नवंबर 2025 को मुरादाबाद स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी देवरस्थल में पंचम स्थापना दिवस का भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर मंदिर के संस्थापक श्री महेश चंद्र अग्रवाल का विशेष रूप से सम्मान किया गया और उनके द्वारा किए गए निर्माण, विकास एवं धार्मिक सेवाओं की सराहना की गई।
मंदिर की स्थापना से लेकर इसके विस्तार और भव्य स्वरूप तक पहुँचाने में
श्री महेश चंद्र अग्रवाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
भक्तों ने उन्हें मंदिर की आत्मा और प्रेरणा स्रोत के रूप में वर्णित किया।
दिनभर की प्रमुख गतिविधियाँ
- यज्ञ–हवन एवं सहस्त्रनाम 1008 आवृत्ति
सुबह से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठानों में भक्तों की भारी सहभागिता रही। - श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं आर्चना
श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान तिरुपति बालाजी से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। - विशेष महाआरती
दिव्य वातावरण में सम्पन्न हुई आरती ने सभी भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत कर दिया। - 56 भोग अन्नकूट महाप्रसाद
भगवान बालाजी को 56 भोग अर्पित किए गए, जिसके बाद हजारों भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
संस्थापक महेश चंद्र अग्रवाल का संदेश
श्री महेश चंद्र अग्रवाल ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—
“यह मंदिर केवल ईश्वर का धाम ही नहीं, बल्कि जन-जन की आस्था, एकता और सेवा का प्रतीक है। पाँच वर्ष पहले रखी गई नींव आज भक्तों की श्रद्धा से एक दिव्य स्वरूप ले चुकी है।”
उन्होंने सभी भक्तों, सहयोगियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन
पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा और पंचम स्थापना दिवस भक्तों की यादों में एक पवित्र अध्याय बनकर दर्ज हो गया।














