बिजनौर/मुरादाबाद। अमरोहा के पूर्व निर्दलीय सांसद हरीश नागपाल की बेटी तान्या नागपाल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गई हैं। उनके बसपा में शामिल होने के बाद बिजनौर जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
तान्या नागपाल की राजनीतिक एंट्री को बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके पिता हरीश नागपाल पंजाबी खत्री समाज से आते हैं। ऐसे में क्षेत्र में पंजाबी समाज के मतदाताओं की संख्या को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक, बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में पंजाबी समाज के मतदाताओं की संख्या करीब 21 हजार से 25 हजार के बीच बताई जाती है। वहीं, दलित मतदाताओं की संख्या लगभग 78 हजार, मुस्लिम मतदाताओं की करीब 1 लाख 15 हजार और ठाकुर मतदाताओं की संख्या लगभग 55 हजार बताई जाती है। इन आंकड़ों का आधिकारिक सत्यापन आवश्यक है।
पिछले तीन विधानसभा चुनावों के नतीजे
बढ़ापुर विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला देखने को मिला है। वर्ष 2022 में भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि 2017 में भी भाजपा प्रत्याशी विजयी रहे थे। इससे पहले वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा के कुंवर सुशांत कुमार को 1,00,100 वोट मिले थे। सपा के कपिल कुमार को 85,755 वोट मिले, जबकि बसपा के मोहम्मद गाजी 46,638 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे।
वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के कुंवर सुशांत कुमार को 78,744 वोट मिले थे। कांग्रेस के हुसैन अहमद को 68,920 वोट मिले, जबकि बसपा के फहद यज़दानी को 50,684 वोट प्राप्त हुए थे।
वर्ष 2012 के चुनाव में बसपा के मोहम्मद गाजी को 68,434 वोट मिले थे। भाजपा के इन्द्रा देव को 41,061 और कांग्रेस के हुसैन अहमद को 39,038 वोट प्राप्त हुए थे।
तान्या नागपाल की संभावित उम्मीदवारी पर नजर
तान्या नागपाल के बसपा में शामिल होने के बाद अब राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र उनकी संभावित उम्मीदवारी बन गई है। यदि पार्टी उन्हें बढ़ापुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाती है, तो उनकी पारिवारिक राजनीतिक पहचान और क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच उनकी स्वीकार्यता चुनावी चर्चा के प्रमुख विषय हो सकते हैं।
हालांकि, विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का रुझान केवल जातीय समीकरणों से तय नहीं होता। स्थानीय मुद्दे, विकास कार्य, उम्मीदवार की छवि, पार्टी संगठन और चुनावी रणनीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल बढ़ापुर विधानसभा सीट पर तान्या नागपाल के नाम को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अब देखना होगा कि बसपा नेतृत्व उनकी उम्मीदवारी को लेकर क्या निर्णय लेता है और आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति में इस घटनाक्रम का क्या असर देखने को मिलता है।












