मुरादाबाद।
जिले के चर्चित शराब कारोबारी चड्ढा परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ लगभग 1.91 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में अदालत ने जमानती वारंट जारी किए हैं। यह वारंट गुरजीत सिंह चड्ढा, हरवीर सिंह चड्ढा, जसप्रीत चड्ढा और तमन्ना चड्ढा के खिलाफ जारी किए गए हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि चारों अभियुक्तों को 4 नवंबर तक कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत करानी होगी, अन्यथा आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह है पूरा मामला
कटघर क्षेत्र के गुलाबवाड़ी निवासी गोपाल मिश्रा ने पुलिस में दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि उन्होंने चड्ढा परिवार के साथ एक शराब व्यापार संबंधी फर्म में पार्टनरशिप की थी। गोपाल मिश्रा का कहना है कि उन्होंने फर्म में निवेश के तौर पर लगभग 1.91 करोड़ रुपये का योगदान किया था। परंतु कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उक्त धनराशि को फर्म के नाम पर अन्य खातों में स्थानांतरित कर गबन कर लिया गया है।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने जांच की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर चारों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के गंभीर आरोपों में चार्जशीट दाखिल की।
कोर्ट का सख्त रुख
मामला अदालत में विचाराधीन होने के दौरान अभियुक्तों की ओर से उपस्थिति न देने पर अदालत ने जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। यह वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट, मुरादाबाद से जारी हुआ है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अभियुक्तगण निर्धारित तिथि 4 नवंबर तक हाजिर होकर अपनी जमानत नहीं करवाते, तो उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए जा सकते हैं।
शहर में चर्चा का विषय
मुरादाबाद के व्यावसायिक हलकों में चड्ढा परिवार लंबे समय से शराब वितरण और बिक्री कारोबार में सक्रिय रहा है। उनके खिलाफ इतनी बड़ी रकम के गबन और धोखाधड़ी का मामला सामने आने से व्यापारी समुदाय में हलचल मच गई है। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि अभियुक्त अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं तो अगली कार्यवाही में उनके सम्पत्ति कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की निगरानी कर रही है और कोर्ट के आगामी आदेश की प्रतीक्षा में है।













